Wednesday, 30 July 2014

मेरे इस ब्लॉग का लक्ष्य



मेरे देश का सबसे गौरवपूर्ण अंश इसका स्वर्णिम इतिहास और वह “सनातन धर्म “ है जिसने सम्पूर्ण विश्व में मेरे देश को “विश्व गुरु” का दर्जा दिया |

प्रश्न 1-प्रश्न यह है की सनातन धर्म का सिद्धांत है क्या
?
उत्तर - तो सनातन धर्म का सिद्धांत प्रकृति और जीवों के बीच संतुलन बनाकर
,सम्पूर्ण श्रीष्टि के जन्मदाता “ब्रह्म “को जान कर अपने वास्तविक पहचान को समझ कर ,स्वयं को उन्ही का अंश अथवा स्वरूप जान उनही में विलीन हो जाना है |


प्रश्न 2-इसने इंसान को क्या स्वरूप दिया है ?
सनातन धर्म ने इंसान में ही भगवान होने ,और मानव सेवा और न्याय पथ के अनुगमन करते हुए “ब्रह्म” को जानने को ही जीवन का लक्ष्य बताया है | सनातन धर्म ने हर आध्यात्मिक एवं बौद्धिक स्तर के व्यक्ति के लिए “ब्रह्म” को जान सकने का मार्ग दिखाया है |
यह मार्ग हमें “वेदों “ से प्राप्त होता है
|वेद आस्तिक के लिए भी मार्ग दिखाते हैं और नास्तिक को भी |
वे मूर्ति पूजक आध्यात्मिक स्तर वालों को भी “ब्रह्म “ के दर्शन कर मार्ग बताते हैं और प्रकृति पूजक /मानव सेवक नास्तिक को भी उसी परम सत्य “ब्रह्म “ तक पहुँचने का मार्ग दिखाते हैं
|

आज के भारत में सनातन धर्म विभाजित अवस्थाओं में और अपने समस्त मतों के साथ –हिन्दू धर्म ,बौद्ध धर्म ,जैन धर्म और सिख धर्म के स्वरूप में मौजूद है और अपनी समस्त बौद्धिक और आध्यात्मिक मानव स्तर को आत्मसात करने की लचिलता को एकत्रित राष्ट्रियता से प्रदर्शित कर रहा है |

प्रश्न 3-मैं आज ब्लॉग क्यूँ लिखने आया हूँ
?
उत्तर- पूर्व काल से भारत के दर्शन और ज्ञान का केंद्र रहा है |विदेशियों ने हमेशा इसपर अपनी बुरी नज़र रखी और आक्रमण किए ,पर यह आजतक अपनी मजबूत जड़ों ,मेरे स्वयं के विचार में “सनातन धर्म “ सत्य है इसी वजह से आज तक के समयावधि में “सनातन “ बना हुआ है |
तभी तो भारत का हर बालक कहते नहीं थकता –“यूनान मिश्र रोमा सब मीट गए जहां से
,अबतक मगर है बाकी नामोनिसा हमारा “|

पर आज कुछ घर के भेदी स्वार्थ सिद्धि के लिए स्वयं के षड्यंत्र द्वारा तो कभी विदेशी दुश्मनों से जो भारतीय संस्कृति और धर्म के दुश्मन है ,उनसे मिलकर इसको कमजोर और हमारे लोगों को गुमराह करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं |वे धर्म के विषय में भ्रांतिया फैला हमारे लोगों को धर्म से दूर कर रहे हैं |
मेरी कोशिश मात्र इतनी है की इस प्रौद्योगिकी के स्तेमाल से जो आज हमारे देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ रही है
,मैं अपने धर्म के विषय में जितना जान पाया हूँ वो उन तक पहुंचा सकु, और जहां संशय हो वहाँ स्वस्थ चर्चा कर सकु |

धर्म ज्ञान के आदान प्रदान की ये क्रिया इस धर्म को फैलाएगी इसकी सच्चाई से लोगों को परिचित कराएगी और फैलाई जा रही भ्रांतियों से लोगों को सजग करने में जरूर कामयाब होगी आज मैं ऐसी कामना करता हूँ | और हम इसे अगली पीढ़ी और आने वाली कई पीढ़ियों तक सुरक्षित मूल स्वरूप में बिना किसी बदलाव अपनी इस श्रेष्ठ विरासत को पहुंचा पाएंगे जो हमारे पूर्वजों ने हमें दी है|

मेरा परिचय

नाम -विक्रम नागवंशी
पिता का नाम -श्री प्रमोद  कुमार सिंह
माता का नाम -श्रीमति रेनू सिंह
वर्ण/जाती/उपजाति/गोत्र =क्षत्रिय / राजपूत / नागवंशी / वत्स

गाँव का पता -
प्रपौत्र स्व॰ विश्वनाथ प्रताप सिंह 
पौत्र श्री राणा प्रताप सिंह
पुत्र श्री प्रमोद कुमार सिंह
ग्राम-बंभनियांव ,पोस्ट ऑफिस -कमालपुर
ब्लॉक -धानापुर ,थाना -धीना
जिला-चंदौली ,राज्य -उत्तर प्रदेश

वंशावली -
स्व ठाकुर गोकुल सिंह (निवासी -ग्राम- अवरहिया ,ब्लॉक-दुर्गावती ,जिला-कैमूर (भभूआ ),बिहार)
इनके दो पुत्र -
1)स्व ठाकुर प्रभु नारायण सिंह
2)स्व ठाकुर प्रयाग सिंह
{स्व ठाकुर गोकुल सिंह जी के दोनों पुत्र अपने अन्य कुटुंबीजनों को अवहरिया छोड़ कर स्वयं अपने अपने बच्चों को लेकर उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक के बम्भ्नियांव ग्राम आ गए )

1) स्व ठाकुर प्रभु नारायण सिंह जी के एक पुत्र हुए स्व ठाकुर सीताराम सिंह
2)स्व ठाकुर प्रयाग सिंह जी के एक पुत्र हुए स्व ठाकुर विश्वनाथ  सिंह
स्व ठाकुर सीताराम सिंह जी भिनगा नरेश राजर्षि स्व उदय प्रताप सिंह जी के कृषि मंत्री के रूप मे कार्यरत थे उनके के 3 पुत्र हुए जो पूरे परिवार सहित इसी ग्राम मे रहते हैं |
स्व ठाकुर विश्वनाथ  सिंह जी जो ग्राम के हाइ स्कूल के हेडमास्टर थे उनके 4 पुत्र हुए

1) श्री कन्हैया सिंह ,रिटायर्ड ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ )(इनके एक पुत्र डॉ अशोक सिंह )
2)श्री राणा प्रताप सिंह ,रिटायर्ड उप ब्लॉक विकास अधिकारी (एडीओ)(3 पुत्र व एक पुत्री )
3)स्व विजयी सिंह ,किसान (एक पुत्र श्री गुड्डू सिंह व एक पुत्री श्रीमती कंचन सिंह  )
4) श्री शमशेर बहादुर सिंह , जूनियर इंजीनियर,पीडबल्यूडी (3 पुत्रियाँ )

श्री राणा प्रताप सिंह जी के 3 पुत्र व एक पुत्री हुए
1)श्री मनोज कुमार सिंह , डेप्युटी कमिश्नर ,सेल्स टैक्स ,सोनभद्र
2)श्री प्रमोद कुमार सिंह ,चीफ़ मैनेजर ,बैंक ऑफ इंडिया
3) श्रीमति पिंकी सिंह धर्मपत्नी प्रोफेसर समर बहादुर सिंह
4)श्री अरविंद कुमार सिंह ( 3 बार ग्राम प्रधान , 2 बार बीडीसी)

शहर का पता -
पुत्र श्री प्रमोद कुमार सिंह
प्लॉट नो।- A23,मकान नंबर-S9/132-11-R
गौतम गार्डेन कॉलोनी, शिवपुर बाई-पास
वाराणसी-221003